कश्मीर: इसके मूल निवासी और उनका विस्थापन (KASHMIR: Its Aborigines and Their Exodus) (Hindi)




Availability: In Stock
  • ₹999.00

Book Details
Author Colonel Tej K Tikoo Ph.D.
Publisher Sabre and Quill
Language Hindi
Publication Year 8 July 2026
ISBN ISBN-10 ‏ : ‎ 8169038235 ISBN-13 ‏ : ‎ 978-8169038232
Edition 1st
Binding Style Paperback
Number of pages 600 pages
Weight 573 g
Shipping Time 2-3 Working Days.
Delivery Time 4-10 Working Days.
International Shipping Yes (Through India Post) (International Shipping Charges applicable)
Exchange / Return No Exchange / No Return (Only Damaged or Printing Issue)

कश्मीर: इसके मूल निवासी और उनका विस्थापन (KASHIR: Its Aborigines and Their Exodus) कश्मीर के इतिहास, उसकी सांस्कृतिक विरासत और कश्मीरी पंडित समुदाय के संघर्षों पर आधारित एक गंभीर एवं शोधपरक पुस्तक है। यह पुस्तक प्राचीन कश्मीर की सभ्यता, उसकी आध्यात्मिक परंपराओं तथा समय के साथ हुए राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक परिवर्तनों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

लेखक कश्मीर के मूल निवासियों की ऐतिहासिक यात्रा, कश्मीरी शैव दर्शन, अभिनवगुप्त, क्षेमराज और कल्हण जैसे महान विद्वानों के योगदान तथा कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को विस्तार से प्रस्तुत करता है। पुस्तक यह भी बताती है कि कैसे विभिन्न आक्रमणों, सत्ता परिवर्तनों और सामाजिक परिस्थितियों ने कश्मीर की जनसंख्या, संस्कृति और सामाजिक संरचना को प्रभावित किया।

इस पुस्तक का प्रमुख विषय कश्मीरी पंडित समुदाय का बार-बार हुआ विस्थापन, धार्मिक उत्पीड़न तथा विशेष रूप से 1989–90 का पलायन है, जिसे आधुनिक भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक माना जाता है। साथ ही पुस्तक कश्मीर की साझा सांस्कृतिक विरासत, सूफी-ऋषि परंपरा, लाल डेड, नंद ऋषि तथा ज़ैन-उल-आबेदीन जैसे महान व्यक्तित्वों के माध्यम से सह-अस्तित्व और सांस्कृतिक समन्वय की परंपरा को भी रेखांकित करती है।

इतिहास, संस्कृति, कश्मीरी सभ्यता और कश्मीरी पंडित समुदाय को समझने के इच्छुक पाठकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा इतिहास प्रेमियों के लिए यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है।

Write a review

Please login or register to review

Tags: Kashmir, Kashmiri Pandits, Kashmir History, Kashmir Heritage, Kashmir Culture, Kashmir Civilization, Kashmiri Shaivism, Abhinavagupta, Rajatarangini, Kalhana, 1990 Exodus, Indigenous Kashmir, Hindu Heritage, Jammu & Kashmir, Hindi Books, Historical Research, Cultural Studies